नई दिल्ली, नवम्बर 24 -- मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए जस्टिस बीआर गवई ने रविवार को कई अहम बातों का जिक्र किया। उन्होंने न्यायपालिका को लेकर समाज में बनी धारणाओं पर बात की तो वहीं जजों की कामकाजी व्यवहारिकता पर भी वह खुलकर बोले। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने अपने कार्यकाल के दौरान कभी भी किसी मामले को लेकर सरकार की ओर से दबाव का सामना नहीं किया। जस्टिस गवई ने कहा कि अदालत में हम हर मामले को एक समान नजर से ही देखते हैं। केस की मेरिट पर फैसला होता है। इसमें यह नहीं देखा जाता कि कौन सा पक्ष इसमें शामिल है। सरकार है या फिर कोई निजी पार्टी इसका हिस्सा है। इसके अलावा उन्होंने एक नैरेटिव को लेकर भी बात की। जस्टिस गवई ने कहा कि कुछ लोग मानते हैं कि यदि आप हर फैसला सरकार के खिलाफ नहीं देते हैं तो फिर आप स्वतंत्र जज नहीं हैं। ऐसा सोचना स...
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