नई दिल्ली, फरवरी 20 -- फर्जी ATM बनाकर खाते से पैसा उड़ाने के दोषियों की सजा में कर्नाटक हाईकोर्ट ने संशोधन किया है। धारवाड़ बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि हर पापी का भविष्य होता है और अपराधियों से नफरत नहीं करना चाहिए। हालांकि, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है, लेकिन याचिकाकर्ताओं की तरफ से कस्टडी में गुजारे समय पर विचार करने का फैसला किया है। दोनों ओरिजिनल ATM कार्ड धारकों से कार्ड चुरा लेते थे और उनका डुप्लीकेट तैयार कर चोरियों को अंजाम देते थे। दोनों को क्रमश: 3 और 2 साल की सजा सुनाई गई थी। उनकी याचिका पर जस्टिस वी श्रीनंद सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए, जस्टिस वी श्रीशानंद ने सजा के संबंध में निचली अदालत के आदेश में संशोधन किया। उन्होंने याचिकाकर्ताओं द्वारा पहले ही काटी जा चुकी जेल की अवधि को ...