अलीगढ़, अगस्त 29 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। स्मार्टफोन ने ज्ञान, मनोरंजन और दुनिया की हर जानकारी उंगलियों पर ला दी, लेकिन इसकी कीमत हमारी सेहत चुका रही है। हालात यह हैं कि हर तीसरा व्यक्ति गर्दन और कमर दर्द से परेशान है। फिजियोथेरेपी सेंटरों में युवाओं की भीड़ इस डिजिटल आदत का सबूत है। चार साल में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के मामले तीन गुना बढ़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार मोबाइल पर झुके रहने से रीढ़ की हड्डी पर असामान्य दबाव पड़ता है, जिससे शरीर की संरचना तक बदल रही है। पीड़ितों को विशेषज्ञ योग, व्यायाम और नियमित दिनचर्या की सलाह दे रहे हैं। दीनदयाल अस्पताल में हर दिन 50-55 मरीज फिजियोथेरेपी के लिए आते हैं, जिनमें 70 प्रतिशत गर्दन-कमर दर्द से जूझ रहे हैं। पहले यह समस्या बुजुर्गों तक सीमित थी, लेकिन अब 16 से 30 वर्ष के युवा सबसे ज...