सहारनपुर, अक्टूबर 14 -- जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा द्वारा चलाए जा रहे घर-घर यज्ञ, हर घर यज्ञ कार्यक्रम के तहत शिक्षक नगर के 50 घरों में एक साथ हवन यज्ञ का आयोजन हुआ। इस दौरान भजन उपदेशकों ने भजनों के माध्यम से दीपावली का विस्तारपूर्वक महत्व बताया। जर्नादन दास त्यागी एड. के आवास पर हुए कार्यक्रम में सभा के तहसील अध्यक्ष मुकेश आर्य औश्रमंत्री डा. सुरेंद्र आर्य ने कहा कि दीपावली का वैदिक स्वरूप अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। कहा कि वैदिक परंपरा में दीपावली को दीपों का उत्सव भी कहा जाता है। जिसका मूल उद्देश्य नकारात्मकता को दूर कर आंतरिक ज्ञान और सकारात्मकता को जगाना है। प्राचीन काल में इसे कार्तिक अमावस्या की घनी रात में दीपक जलाकर अंधकार को दूर करने के लिए मनाया जाता था। भजनोपदेशक अंशुल आर्य ने भज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.