मधुबनी, नवम्बर 23 -- सूरज महतो, जगदीश महतो, अनिता देवी, शकीला खातून, मो. अनिसुर्र रहमान सहित कई लोगों ने बताया कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। उनका कहना है कि जलमीनार पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन परिणाम शून्य है। पानी के लिए रोज अपमान झेलते हैं। कागजों पर ही यह योजना दिखाकर राशि की निकासी की गयी है। लोगों ने इस योजना की उच्चस्तरीय जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, वार्ड 36 में जल संकट अब जीवन संकट बन चुका है। लोग प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था, पाइपलाइन मरम्मत और जलमीनार को चालू करने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। क्या कहते हैं अधिकारी नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने ब...