उन्नाव, जनवरी 20 -- उन्नाव। नोएडा की सड़कों पर एक और जीवन खो गया। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत सिर्फ हादसा नहीं बल्कि चेतावनी है-चेतावनी उस लापरवाही की जो हर कदम पर छिपी है। खुले नाले, जर्जर पुलिया और बिखरी निर्माण सामग्री, यह सिर्फ आंकड़े नहीं, यह उन आवाजों का प्रतीक है, जिन्हें सुनने वाला कोई नहीं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की पड़ताल के दौरान भी शहर में सड़क सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी मिले। जहां निर्माण कार्य चल रहा, वहां मैटेरियल सड़कों पर बिखरा पड़ा है। जिम्मेदार चुप्पी साधे रहे। यूएडीए, नगर पालिका के अफसर भी इन बातों से ताल्लुक तक रखना वाजिब नहीं समझते। नगर पालिका और यूएसडीए के कमरों में बैठकें होती हैं। अध्यक्ष, यूडीए उपाध्यक्ष समेत तमाम अफसर दावे करते हैं। लेकिन, नालों की सफाई नहीं हुई न ही सीवरों के ढक्कन ठीक करवाए गए। खुले पड़े...