मैनपुरी, अप्रैल 2 -- कटरा स्थित अजीतनाथ जिनालय में भगवान अजीतनाथ को निर्वाण कल्याण महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। समाज के लोगों ने श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा की। इंद्रों के रूप में अमित जैन, नितिन जैन, मयंक जैन, देवेश जैन, संजय जैन, मंचू जैन आदि ने मंत्रोच्चारण किया। श्रवण कुमार जैन, राजीव जैन, अभिषेक जैन ने निर्वाण कांड पढ़कर लाडू चढ़ाया। पंडित कमल कुमार जैन व महामंत्री विशाल जैन ने बताया कि जैन धर्म के दूसरे तीर्थंकर भगवान अजीतनाथ का जन्म अयोध्या के इक्ष्वांकु वंश में हुआ था। वह अपने सभी कर्मों को नष्ट कर सम्मेत शिखर पर गए थे। निर्वाण का समय नज़दीक आने पर 72 लाख पूर्व का आयुष्य पूर्ण होने पर एक महीने तक पादोपगमन अनशन करने के बाद चैत्र शुक्ल पंचमी के दिन, चंद्रमा मृगशिर नक्षत्र में आने पर मोक्ष पद को प्राप्त किया।
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