झांसी, नवम्बर 1 -- बजते ढोलक-मझीरे। ..थिरकता माहौल, मंदिरों का मुहाना और जुबां पर ..हरे बांस मंडप् छाये, ..तुलसी जू का शालिग राम जू ब्याहन आए। कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी पर रानी के शहर झांसी में उत्सवी माहौल रहा। भगवान सालिगराम दूल्हा बने तो माता तुलसी दुल्हन। श्रद्धाभाव से विवाहोत्सव मनाया गया। दिन में बारात चढ़ी तो रात में शादी की अन्य रस्में अदा हुई। जो सुबह तक चलती रहीं। युवा ब्राह्मण महासंघ एवं तुलसी विवाह उत्सव महासमिति के बैनर तले सालिगराम संग तुलसी जी का टीका कार्यक्रम हुआ। पाणिग्रहण संस्कार की रस्में अदा की गई। महिलाओं ने बुन्देली गारी व गीत गाए। बुंदेली वाद्ययंत्र भी अनोखी छटा बिखेर रहे थे। शहनाई एवं रमतूला की धुनों ने सभी मन मोह लिया। शनिवार को दुल्हा बने भगवान श्री शालिगराम जू की बारात निकाली गई। जिसका शुभारंभ पूजा अर्चना एवं आर...
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