चंडीगढ़, फरवरी 24 -- हरियाणा की जमीन पर एक खतरनाक सच्चाई आकार ले रही है। गांवों, कस्बों और शहरों में नशा अब छुपकर नहीं, खुलेआम बिकने की बात कही जा रही है। खबरों की सुर्खियां बता रही हैं कि युवा इंजेक्शन से लेकर 'चिट्टा' तक के जाल में फंस रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है? इसी बीच हरियाणा के एक पुलिसकर्मी सुनील संधू की सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। उनका कहना है कि वे नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे, लेकिन उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े अधिकारी उन्हें तस्करों को छोड़ने के लिए कह रहे हैं और मना करने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। अगर एक ईमानदार अधिकारी खुद को असुरक्षित महसूस करे, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं रह जाता, यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। हरियाणा बना ...