चंडीगढ़, अप्रैल 22 -- हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) के पद के लिए कांग्रेस की ओर से छह महीने बाद भी कोई नाम तय नहीं हो सका है। इस देरी के कारण राज्य की नायब सिंह सैनी सरकार को कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों में अड़चन का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि विभिन्न चयन समितियों में विपक्ष के नेता की उपस्थिति अनिवार्य होती है। इस स्थिति को देखते हुए सैनी सरकार अब कानूनी रास्ते तलाश रही है ताकि इस आवश्यकता को 'बायपास' किया जा सके। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, "हम इस मामले में महाधिवक्ता से कानूनी राय लेने जा रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि विपक्ष के नेता की अनुपस्थिति के कारण रुकी नियुक्तियों को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह कांग्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.