नई दिल्ली, फरवरी 12 -- बांग्लादेश ने अपनी जिद में आकर टी20 विश्व कप का बहिष्कार किया। कट्टरपंथियों की भारत-विरोधी भावनाओं को सहलाने के लिए वहां की सरकार ने टीम के वर्ल्ड कप में खेलने के सपने की बलि दे दी। सबसे ज्यादा नुकसान तो बांग्लादेशी क्रिकेटरों का हुआ क्योंकि एक खिलाड़ी ही जानता है कि विश्व कप की कीमत क्या होती है। और इन सबके बाद भी अगर खुद खिलाड़ियों पर विश्व कप के बहिष्कार का ठीकरा फोड़ा जाए तो उनका दर्द आसानी से समझा जा सकता है। उनका दर्द छलका भी। जब बांग्लादेश के स्पोर्ट्स अडवाइजर आसिफ नजरुल ने मंगलवार को विश्व कप के बॉयकॉट का ठीकरा खिलाड़ियों पर फोड़ा तो कई क्रिकेटरों का दर्द छलक पड़ा- हम तो कहीं के नहीं हैं।हम लाचार हैं, हमें कहीं से कोई मदद नहीं मिली: क्रिकेटर नजरुल की मंगलवार को की गई टिप्पणी को लेकर बांग्लादेशी अखबार डेली स्...