मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 21 -- फोटो : सतीश जी -लोकआस्था और लोकतंत्र का महापर्व दोनों साथ होने से उत्साह दोगुना -अमेरिका, आस्ट्रेलिया, नाईजीरिया रहनेवालों में सियासी दिलचस्पी खूब मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता : एकतरफ लोकआस्था का महापर्व छठ है तो लोकतंत्र का महापर्व चुनाव भी। दोनों पर्व के बीच ज्यादा अंतराल नहीं है। सात समंदर पार रहने वाले प्रवासियों के लिए दिपावली संपन्न होने के बाद छठ पूजा शेष है तो विधानसभा चुनाव विशेष। लिहाजा, छठ की छटा के साथ बिहार चुनाव को लेकर उनका उत्साह उतने ही चरम पर है। प्रवासी उसी हिसाब से अपने घर रुकने का शिड्यूल बना रहे हैं। चुनावी चर्चा में उनकी दिलचस्पी के रंग निराले हैं। टिकट बंटवारे में सियासी उठा-पटक के दौर में भी उनकी नजरें टिकी हुई थीं। अब बिहार के प्रवासी चुनाव में कैसे मतदान सकेंगे, क्या वे वोट के अधिकारी हैं...
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