कन्नौज, फरवरी 15 -- कन्नौज। शिक्षकों की तरह हम भी छात्रों का भविष्य संवारते हैं, जिम्मेदारी से पढ़ाने में अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं। इतना सब करते हैं पर हमें उचित मानदेय और सुविधाएं नसीब नहीं। शिक्षामित्रों का कहना है कि कंधों पर काम का बोझ बढ़ा है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देते हैं। अतिरिक्त विभागीय कार्यों का भी बोझ उठाते हैं। हम अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं, पर हमें मानदेय समय पर नहीं मिलता। हमारी मांगें सुनने वाला कोई भी नहीं है। सभी परिषदीय विद्यालयों में 1306 शिक्षामित्रों की तैनाती है। शिक्षामित्र केवल पढ़ाने का ही काम नहीं करते बल्कि उनसे कई अन्य काम भी कराए जाते हैं। समय पर काम करने का दबाव रहता है, पर अगर बात मानदेय की करें तो वह कभी समय पर नहीं मिलता। शिक्षामित्रों का कहना है कि जब वह शिक्षक की तरह पठन-पाठन ज...
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