मथुरा, फरवरी 14 -- गौशाला नगर स्थित परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा दशम एवं द्वादश के विद्यार्थियों हेतु आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि संत ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि परीक्षा वास्तव में पर-पेक्षा है, क्योंकि वह दूसरों द्वारा ली जाती है, किंतु सच्ची परीक्षा वह है। जो हम प्रतिदिन अपने संस्कारों और आचरण के माध्यम से देते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा जिस मूल्यहीनता की ओर अग्रसर हो रही है, उसे केवल अनुशासन, आत्मचिंतन और सद्संस्कारों के माध्यम से ही सार्थक बनाया जा सकता है। प्रबंधक शिवेन्द्र गौतम ने कहा कि शिक्षा और जानकारी में मूलभूत अंतर है। शिक्षा हमें श्रेष्ठ संस्कारों से परिपूर्ण करती है, जबकि जानकारी के स्रोत भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। प्रधानाचार्य विपिन शर्मा ने कहा कि हमारा व्यवहार हमारे व्यक्तित्...