पलामू, फरवरी 6 -- शिक्षाविदों, समाजशास्त्रियों आदि से बातचीत में यह बात निकलकर सामने आई कि निजी स्कूलों में भी ट्वालेट की स्थिति मानक के अनुरूप नहीं रखा जा रहा है। सरकारी स्कूलों में ट्वालेट की स्थिति बहुत कम जगह सामान्य स्थिति में है। इसके कारण छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है। वे मानसिक दबाव के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति चुनौतियों का भी सामना कर रही है। इसका निदान निकालने के लिए सरकार, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन तीनों स्तर पर अति-अनिवार्य हो गया है। परंतु दुखद पहलु यह है कि अबतक इस दिशा में पहल तक शुरू नहीं हो पाई है। एक दशक पहले बना शौचालय उचित रख-रखाव के अभाव में बेकार पड़ा हुआ है। मेदिनीनगर सिटी से महज पांच-छह किमी पर स्थित जनजातीय बहुल गांव सिक्की के स्कूल के शौचालय की अत्यंत बदतर बनी हुई है। स्कूल की छात्राएं शौचालय की बदतर हालात के...
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