नई दिल्ली, सितम्बर 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक केस की सुनवाई के दौरान नेपाल और बांग्लादेश में हुए तख्तापलट और हिंसक आंदोलन का जिक्र किया है। अदालत ने कहा कि हमें अपने संविधान पर गर्व है। आप देखिए कि पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश में कैसे हालात बने हैं। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई ने यह टिप्पणी राज्यपालों और राष्ट्रपति के लिए बिल पास करने पर टाइमलाइन तय किए जाने को लेकर की। इस मामले में राष्ट्रपति की ओर से रेफरेंस दाखिल किया गया है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और कई दिनों से लंबी बहस जारी है। आज एक बार फिर से इस मामले में दिलचस्प बहस देखने को मिली। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने राज्यपालों की ओर से विधेयक रोके जाने की जानकारी दी तो वहीं कपिल सिब्बल ने कहा कि 2014 के बाद ऐसे मामले बढ़ गए हैं और उससे पहले ऐसा ...
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