सीवान, फरवरी 16 -- सीवान। वैज्ञानिक, तार्किक और प्रगतिशील हमारे परंपरागत जीवन मूल्य ही हमारे सबसे बड़ी ताकत हैं। ग्लोबल होते समाज की चुनौतियां परिवार, पर्यावरण, समरसता, नागरिक बोध के अभाव के संदर्भ में निरंतर बढ़ती जा रही है। लेकिन यदि हमारे परंपरागत जीवन मूल्यों के प्रति संजीदगी और गंभीरता बरती जाय तो ग्लोबल होते समाज की चुनौतियों का सामना आसानी से किया जा सकता है। कुटुंब के स्तर पर भी सजगता और संचेतना की आवश्यकता आज बढ़ती दिखाई दे रही हैं। दया, करुणा, सत्य, अहिंसा, अस्तेय आदि जीवन मूल्य सदियों से हमारी संस्कृति और सभ्यता को मजबूती प्रदान करते रहे हैं। अभी भी यदि हम अपने परंपरागत जीवन मूल्यों का सही तरीके से पालन करें तो हमारा जीवन सफल और समृद्ध हो सकता है। ये बातें शनिवार को नगर के अयोध्यापुरी में चेतना (प्रज्ञा प्रवाह) के चर्चा सह अध्य...