काठमांडू, सितम्बर 19 -- नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शनों को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का कोई आदेश नहीं दिया था। ओली ने दावा किया कि "घुसपैठ करने वाले षड्यंत्रकारियों" ने हिंसा भड़काई, जिसके परिणामस्वरूप युवाओं की मौतें हुईं। ओली ने यह भी सवाल उठाया कि नेपाल पुलिस के पास "ऑटोमैटिक हथियार" नहीं हैं फिर उनका प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस्तेमाल कैसे हुआ। इसके साथ ही नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली ने बिना नाम लिए भारत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह "यह सुनिश्चित कर रहे थे कि कोई भी नेपाल पर दोबारा नाकाबंदी न कर सके।" ओली ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों में घुसपैठ की गई। ओली लंबे समय से भारत विरोधी रुख अपनाते रहे हैं। लिपुले...
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