अयोध्या, नवम्बर 5 -- अयोध्या,संवाददाता। रामनगरी के प्रतिष्ठित मंदिर हनुमत निवास के पूर्वाचार्य महंत सिया शरण के त्रयोदशा संस्कार के मौके पर वैष्णव परम्परा के सभी मत-सम्प्रदाय के धर्माचार्यों ने पहुंचकर उन्हें नमन किया। इसके उनके उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित अयोध्या के विद्वान आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण के वैदुष्य की मुक्तकंठ से प्रशस्ति गाई। कोशलेश सदन के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर ने कहा कि उन्होंने आजीवन जिस भाव से आराध्य की सेवा की उसकी फल श्रुति के रूप में विद्वत वरेण्य शिष्य की प्राप्ति हुई। उन्होंने मंगलकामना व्यक्त करते हुए कहा कि आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण गुरु परम्परा को आगे बढ़ाते न केवल स्थान बल्कि सम्पूर्ण अयोध्या को गौरवान्वित करेंगे। इसी क्रम में दशरथ राजमहल के पीठाधीश्वर बिंदु गद्य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.