गौरव मिश्रा, फरवरी 6 -- ऐतिहासिक विरासत और योग नगरी के रूप में पहचान रखने वाले बिहार के मुंगेर जिले में एक बार फिर अपराध की काली परछाईं में घिरता नजर आ रहा है। अवैध हथियार निर्माण के लिए देशभर में कुख्यात यह जिला अब नशीले पदार्थों की तस्करी का नया ठिकाना बनता जा रहा है। हथियारों की मंडी में अब नशे की घुसपैठ हो गई है। हथियारों के साथ अब 'सफेद जहर' का तड़का जुड़ गया है, जिसने न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि स्थानीय युवाओं के भविष्य को भी गंभीर संकट में डाल दिया है। ऐसे में अपराध के नए चेहरे एवं ग्राफ चिंता बढ़ा दी है। वर्ष- 2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि, पुलिस की सख्ती के बावजूद अपराधियों ने तस्करी के नए रास्ते और नए तरीके इजाद कर लिए हैं। अब तस्करों के द्वारा हथियार तस्करी के पुराने रूट का इस्तेमाल ड्रग पेडलिंग के लिए किया जा रहा है। यह भी प...