आगरा, दिसम्बर 1 -- हत्या कर साक्ष्य नष्ट करने के मामले में पुलिस ने लापरवाही बरती। घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं कर सकी। गवाहों के बयानों में विरोधाभास रहा। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित प्रदीप यादव, मोनू खान, नरेंद्र व रामभरत को बरी करने के आदेश दिए। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजवीर सिंह और शुभायु गुप्ता ने तर्क दिए। वादी सुनील यादव ने थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज करा आरोप लगाया था कि 24 जनवरी 2015 की शाम आरोपीगण उसके भाई हरेंद्र यादव को उसके घर से अपने साथ ले गए थे। रातभर घर नहीं आने पर वादी और अन्य ने हरेंद्र की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। आरोपी घर से गायब मिले। दूसरे दिन जीआरपी मथुरा ने उसके ही भाई के फोन से हरेंद्र यादव की लाश बिल्लोचपुरा रेलवे स्टेशन की रेल लाइन पर पड़ी होने की सूचना दी। वादी ने लाश की ...