लखनऊ, अगस्त 1 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता। पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी हज 2026 आवेदन कर यात्रा निरस्त करने पर पैसा वापसी नहीं करने की नीति अव्यहारिक बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देशभर से सबसे अधिक हज यात्री पसमांदा मुस्लिम समाज के वे लोग होते हैं जो मेहनत-मजदूरी कर, एक-एक, दो-दो रुपये जोड़कर पवित्र यात्रा करने का सपना संजोते हैं। ऐसे में यात्रा निरस्त करने परRs. 1 लाख तक की कटौती और अंतिम समय पर पूरा पैसा जब्त कर लेना, सरासर गलत है। अनीस मंसूरी ने कहा कि हज अब आस्था की नहीं, अमीरी का प्रमाण बनता जा रहा है। गरीब हज यात्री, जिनकी माली हालत रोज रोटी से ऊपर नहीं उठ पाती, वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतें कुर्बान कर, गहने गिरवी रख या कर्ज लेकर हज की रकम जमा करते हैं। ऐसे में कि...
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