सीतापुर, जनवरी 29 -- बिसवां, संवाददाता। शेखुल औलिया हजरत गुलजार शाह के उर्स के मौके पर जश्ने ईद मिलादुन्नबी व नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे की अध्यक्षता मौलाना फैजान हुसैन कादरी और संचालन इजहार रजा शाहजहांपुरी ने की। हाफिज कमालुद्दीन बरकाती की तिलावते कुरआन से जलसे का आगाज हुआ। जलसे को खिताब करते हुए मौलाना अरशद रजा सकाफी ने हजरत गुलजार शाह की फजीलत बयान की। कहा कि वलियों के रास्ते पर चलने वाला कभी गुमराह नहीं होता। मौलाना फैजान हुसैन कादरी ने कहा कि हमें अल्लाह के बताये रास्ते पर चलना है, तो वलियों की चौखट से जुड़ना होगा। नातिया मुशायरे का आगाज करते हुए बहराइच से आये शाने आलम मसूदी ने पढ़ा कि, सरकारे दोआलम सा हंसी कोई नहीं है, जिबरील ने ढूंढा है, कहीं कोई नहीं है। मोहम्मद अली फैजी ने पढ़ा कि ऐ जेहरा के बाबा सुने इल्तिजा, मदीना ब...