सुल्तानपुर, जनवरी 4 -- गोसाईगंज,संवाददाता। शनिवार की रात हज़रत अली के जन्मदिन के अवसर पर हयातनगर स्थित अली मार्केट पर महफिल का आयोजन हुआ। जिसमें शायरों ने अपनी शायरी के हुनर दिखाए। हयातनगर में आयोजित महफिल में मौलाना असगर नकी ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद साहब ने फरमाया है अली को देखना इबादत है। अली का जिक्र करना इबादत है और अली से मोहब्बत इबादत है। इन तीनों संदेश का एक दूसरे से कनेक्शन है। अगर कोई अंधा है अली को देख नहीं सकता, तो जिक्र करे। अगर कोई गूंगा है जिक्र कर नहीं सकता तो ज़िक्र सुने। और कोई अंधा,गूंगा और बहरा तीनों है तो अली से मोहब्बत करे। अब कोई ये तो नहीं कह सकता कि मेरे पास दिल नहीं है। क्योंकि बगैर दिल के इंसान जिंदा ही नहीं रह सकता। काशिफ मौलाई ने महफिल का संचालन किया। यहां नज़र सुलतानपुरी, मुख़्तार कोरालवी, अमन सुल्तानपुरी, कैफ़ी र...