पूर्णिया, दिसम्बर 13 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में स्वास्थ्य नगरी के रूप में मशहूर शहर लाइन बाजार हंगामा का हब बनने लगा है। आए दिन निजी नर्सिंग होम के संचालकों एवं मरीजों के बीच विवाद से लाइन बाजार का इलाका रोज अशांत होता है। महीने में अमूमन हर दो रोज पर होने वाले विवाद शायद ही थाने में रजिस्टर्ड होते हैं, भले ही इस विवादों को शांत कराने में पुलिस के कई घंटे नाहक ही जाया होते हैं। थाना में केस दर्ज नहीं होने के पीछे मरीजों के परिजनों एवं नर्सिंग होम के संचालकों के बीच आखिर में समझौता एक कारण बनता है। दोनों के बीच समझौता हो जाने के बाद पुलिस भी मामले की जांच आदि के झमेल से बच जाती है। -लॉ एण्ड ऑर्डर को बिगाड़ रहे हैं दलाल: -भले ही आपसी समझौते से मामले थाना पहुंचने से समाप्त हो जा रहे हैं, परन्तु रोज- रोज लाइन बाजार में लॉ एण...
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