बिजनौर, मई 12 -- पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद रक्तस्राव बंद नहीं होने पर परिजन वापिस उसी अस्पताल में मरीज को लेकर पहुंचे, जहां ऑपरेशन किया गया था। इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया व अधिकृत न होते हुए भी ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। उक्त हॉस्पिटल बीते वर्ष भी पहली अगस्त को एक जच्चा की मौत होने पर सील किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक सप्ताह पूर्व बढ़ापुर क्षेत्र के एक ग्राम निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति को दर्द होने पर कोतवाली देहात के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने पित्त की थैली का ऑपरेशन कर दिया। तीन दिन अस्पताल में रखकर मरीज को घर भेज दिया था, लेकिन ऑपरेशन के स्थान से रक्तस्राव बंद नहीं हो रहा था। सोमवार की सुबह वे चिकित्सक के यहा...
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