ललितपुर, अक्टूबर 27 -- ललितपुर। सड़क पर विचरण करते गोवंशों को बचाते समय दुर्घटनाओं में जानहानि के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं फिर भी अन्ना गोवंशों को सड़क से गोशाला पहुंचाने में तेजी नहीं आ रही है। रबी की बुआई प्रारम्भ होते ही सड़कों पर गोवंशों के झुंड सक्रिय हो गए हैं। इस कारण होने वाले हादसों में कभी इनके तो कभी वाहन सवारों के खून से सड़कें लाल हो रही हैं। अन्ना मवेशियों की समस्या से निपटने और इनके संरक्षण को जनपद में इस समय 27 गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। इसके अलावा नगर पालिका परिषद ललितपुर, नगर पंचायत महरौनी, तालबेहट में कान्हा आश्रय स्थल संग जिला पंचायत के 22 कांजी हाऊस हो संरक्षण के लिए ही बनाए गए हैं। पशुपालन विभाग के दावों पर गौर करें तो इनमें लगभग 30,000 गोवंश संरक्षित हैं। इसके अलावा सहभागिता के तहत नौ हजार से अधिक गौवंशों की ग्रा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.