संतकबीरनगर, सितम्बर 28 -- कांटे, हिन्दुस्तान संवाद। बूधा कला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ अपनी मर्जी के अनुसार पहुंच रहे हैं और समय से पहले अस्पताल में ताला बंद कर चले जाते हैं। यहां पर स्वास्थ्य कर्मचारी खाला का घर समझ लिए हैं। जब मन में आता है तो आते नहीं नहीं तो चले जाते हैं। अस्पताल में एक डॉक्टर सहित चार स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। लापरवाही का आलम यह है कि डॉक्टर कभी-कभी अस्पताल पहुंचते हैं, जबकि अन्य स्टाफ ड्यूटी पर देर से पहुंचता है और जल्दी वहां से चला जाता है। खासकर बात यह कि डॉक्टर के नहीं आने पर फार्मासिस्ट खुद डॉक्टर बनकर मरीजों के जिन्दगी से खिलवाड़ करता है। शनिवार को कुछ मरीज पहुंचे तो एक वार्डबॉय अस्पताल चला रहा था। बाकी को...
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