मऊ, सितम्बर 10 -- दोहरीघाट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट पर मंगलवार को राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एएनएम, आशा संगिनी और सुपरवाइजरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। इसमें कुष्ठ रोगी खोज अभियान, दिव्यांगता की रोकथाम और उपचार के बारे में बताया गया। प्रशिक्षिक डीएलसी डॉ. कृष्णा यादव ने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो बैक्टीरियम लेप्रई जीवाणु से होने वाली बीमारी है। कुष्ठ रोग कोई छूत की बीमारी नहीं है। इसको एमडीटी दबा द्वारा ठीक किया जाता है। कुष्ठ रोगी को घृणा की दृष्टि से न देखें इनका इलाज करवाएं। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग के आरंभ काल में उपचार शुरू होने से मरीज स्वस्थ भी होते हैं। लोगों को किसी प्रकार के कुष्ठ बीमारी का लक्षण शरीर में दिखे तो तत्काल नजदीकी अस्पताल सीएचसी, पीएचसी पहुंचकर जांच कराने की सलाह दें। एनएम...
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