बिजनौर, फरवरी 22 -- जिले की गोशालाओं को अब आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी है। गोशालाओं को एनजीओ को दिया जाएगा, ताकि एनजीओ गोबर के उत्पाद बनाकर गोशाला को आत्मनिर्भर बना सकें। इस पहल से गोशाला की कमाई होगी और गोशाला आत्मनिर्भर बनेगी। अफसरों ने शासन के आदेश पर बड़ी एनजीओ की तलाश शुरू कर दी है। एनजीओ से आवेदन मांगे जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही आवेदन मिलने की उम्मीद है। जिले में पिछले सालों में गोशालाओं की संख्या बढ़ी तो गोशाला में संरक्षित किए गए गोवंशों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ। जिले की 83 गोशालाओं में आज करीब साढ़े बारह हजार गोवंश संरक्षित किए गए हैं। शासन के आदेश पर अब जिले की गोशालाओं को एनजीओ के हैंडओवर किया जाएगा ताकि एनजीओ गोबर से वर्मी कंपोस्ट, गोकाष्ठ, गोबर के दिये, गोफिनेल सहित अन्य उत्पाद तैयार करें। इन उत्प...
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