मथुरा, जनवरी 8 -- वाराहघाट परिक्रमा मार्ग स्थित राधा केली कुंज में स्वामी प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे पंजाबी सिंगर इंद्रजीत निक्कू ने शहादत पर गीत सुनकर उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वामी प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जब मन परमात्मा में लग रहे तो तन भी दुखी नहीं होता। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा दुख मन होता है जब मन पाप आचरण का चिंतन करता रहेगा तो तन कैसे सुखी रह सकता है इसलिए हमें अपने मन को प्रमुख स्मरण और भजन में लगाना चाहिए। महाराजश्री ने बताया कि हमारा मन जब प्रभु स्मरण में लगा रहेगा तो तन में दुख होता ही नहीं है। शरीर में परमात्मा का चिंतन है तो दुख भी सहन करने की शक्ति बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि जब एसी में बैठकर तन सुखी है, लेकिन मन दुखी है तो तन का सुख भी कोई महत्व नहीं रखता है। इसलिए जीव को हमेशा मन से सुखी रहने का प्रयास करना चाह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.