रांची, जून 9 -- रांची, विशेष संवाददाता। ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में 11 जून को स्वामी जगन्नाथ की स्नान यात्रा होगी। ज्येष्ठ पूर्णिमा को भगवान के सभी विग्रहों को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद 15 दिनों के लिए भगवान एकांतवास में चले जाएंगे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जगन्नाथ स्वामी को 108 छोटे कलश में रखे वनौषधि एवं सुगंधित जल से स्नान और शृंगार कराया जाएगा। परंपरा के मुताबिक, आसपास के इलाकों से आए आदिवासी, श्रद्धालु एवं भक्तगण दूध, जल और सुगंधित द्रव्य से प्रभु को स्नान कराएंगे। स्नान के बाद सभी स्पर्श दर्शन करेंगे। इसे लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। 26 जून को भगवान एकांतवास से बाहर निकलेंगे। इसके बाद भक्तों के बीच स्वामी जगन्नाथ का नेत्रदान अनुष्ठान होगा। 27 जून से रथयात्रा मेला शुरू होगी। इसी दिन भगवान रथारूढ़ हो मौसीबाड़ी...
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