प्रयागराज, फरवरी 4 -- शुआट्स में ग्रान्ट-इन-एड पर कार्यरत कर्मियों की नियुक्ति एवं 53 बर्खास्त शिक्षकों को बहाल करने के प्रमुख सचिव (कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान) के तीन फरवरी के आदेश को लेकर सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (शुआट्स) नैनी में बुधवार को सीनेट की बैठक हुई। साथ ही शुआट्स प्रशासन ने उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील की कानूनी राय भी शासन को भेजी है। सीनेट की बैठक में 16 अगस्त 2018 के शासनादेश पर विचार किया गया जिसमें साफ है कि ग्रान्ट-इन-एड पर कार्यरत कार्मिक, विश्वविद्यालय के कर्मचारी हैं और सरकारी कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं आते हैं। शुआट्स प्रशासन का कहना है कि शासन की ओर से सभी अनुदान विश्वविद्यालय को दिए गए हैं और विश्वविद्यालय ही ऐसे पदों पर नियुक्तियां करने के लिए अधिकृत है। इसलिए राज्य सरकार के इ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.