सासाराम, अगस्त 17 -- बिक्रमगंज, हिन्दुस्तान टीम। आध्यात्म मानव जीवन की अपरिहार्य आवश्यकता है। इससे हमारे जीवन का संपूर्ण विकास होता है। विहंगम योग का सैद्धान्तिक सद्ग्रंथ स्वर्वेद अध्यात्म जगत की एक अन्यतम कृति है । यह हमारी आध्यात्मिक यात्रा को सदैव जागृत रखता है। उक्त उद्गार स्वर्वेद कथामृत के प्रवर्तक संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज ने शहर के पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर बिक्रमगंज में आयोजित एक दिवसीय जय स्वर्वेद कथा व ध्यान साधना सत्र में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं से कही।
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