सहरसा, जून 3 -- सहरसा। सहरसा जिले में लगभग 2.70 लाख जीविका दीदियां स्व रोजगारी हो गई है। छोटा व्यवसाय, कृषि, पशुपालन सहित कई अन्य तरह के रोजगार करते हुए दीदियां खुद और परिवार का जीवन संवार रही है। प्रति माह न्यूनतम 9 से 10 हजार रुपए तक जीविका दीदी कमा रही है। जीविका से मिली आर्थिक सहयोग राशि के अलावा बैंकों से मिले 586 करोड़ रुपए ऋण से दीदियों की आमदनी लगातार बढ़ रही है। करीब डेढ़ लाख दीदियां कृषि कार्य और 74 हजार पशुपालन से जुड़ी है। 47 हजार दीदियां कढ़ाई, बुनाई से लेकर नॉन फर्म तरह के छोटे दुकान व्यवसाय कर रहे हैं। नीरा, दीदी का रसोई, लॉन्ड्री, सखी बैंक जैसे कार्य को भी दीदियां बखूबी निभा रही है। अधिकांश दीदियों के नाम लगे अनपढ़ का मुहर को पीछे छोड़ दीदियां जीविका के सहयोग से उड़ान के पंख भरने लगी है। घूंघट की ओट से बाहर निकल घर की दहलीज पार कर...