संभल, मार्च 13 -- ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह संचालित किए जा रहे हैं। इन्हीं समूहों की महिलाएं 2020 से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पुष्टाहार वितरण का कार्य कर रही हैं। लेकिन उनकी मेहनत और समर्पण के बावजूद, उन्हें अपने ही पैसे से वाहनों का किराया भरना पड़ रहा है, क्योंकि सरकार से केवल एक बार ही किराए का भुगतान किया गया है। ग्रामीण स्तर पर कई समूहों के खातों में बीते दो वर्षों से किराए की धनराशि नहीं आई है, जिससे महिलाओं को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। समूह की महिलाओं ने कई बार एनआरएलएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। होली जैसे बड़े त्योहार पर जब सभी खुशी मनाने में व्यस्त हैं, वहीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपनी मेहनत की राशि न मिलने से प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.