पूर्णिया, फरवरी 28 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पूर्णिया शाखा के द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर शिव झंडोत्तोलन एवं शोभायात्रा झांकी के साथ शहर में भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया l शाखा संचालिका बीके मुकुट मणि ने शिव का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए स्पष्ट किया की प्रसिद्ध धर्म ग्रंथों, मंदिरों और शिवालयों में शिवलिंग की प्रतिमा का अधिक वर्णन है l सभी मानते हैं परमात्मा एक है। वह निराकार ज्योति बिंदु स्वरूप है l परमात्मा का नाम शिव है l शिव का अर्थ कल्याणकारी है। जन्म-मरण के चक्र से न्यारा होने के कारण परमात्मा का अपना साकार या आकार शरीर किया नहीं होता l इसलिए वे न तो स्त्रीलिंग में आते हैं और ना ही पुल्लिंग में। उन्हें शिवलिंग के रूप में याद किया जाता है क्योंकि सिर्फ परमात्मा का न...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.