मैनपुरी, फरवरी 20 -- मैनपुरी। नगर के श्री एकरसानंद आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में शुक्रवार को दो दिवसीय संगोष्ठी का समापन हो गया। गोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा में मोक्ष स्वरूप विमर्श विषय पर विचार किए गए। शुक्रवार को छात्रों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। प्रथम सत्र की अध्यक्षा बीडीएमएम महिला महाविद्यालय शिकोहाबाद डॉ नीलम ने कहा कि स्वयं पर संयम रखे बिना मोक्ष संभव नहीं है। संयम ही मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रथम सोपान है। डॉ ओमकार ने कहा कि सांसारिक विषयों से मुक्त हुए बिना हम मोक्ष मार्ग पर अग्रसर नहीं हो सकते हैं। संपूर्ति सत्र के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ रामबदन पांडेय कहा कि अपने कर्तव्य का पालन करते हुए ज्ञान मार्ग कर्ममार्ग एवं निष्काम भक्ति मार्ग के माध्यम से पुनः जन्म मरण के चक्र से पूर्णता मुक्ति ही मोक्ष है। डॉ अलका पाठक ने व...