बुलंदशहर, फरवरी 22 -- होली के पर्व में काफी कम समय रह गया है जिसके चलते अब जिले के बाजारों में रौनक चरम पर पहुंचने लगी है। इस बार की होली खास होने वाली है, क्योंकि बाजार से चाईनीज सामान की चमक लगभग पूरी तरह से गायब है और स्वदेशी का दबदबा साफ नजर आ रहा है। खासतौर पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार देशी गुलाल और हाथरस के रंगों ने ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। जिले के बाजारों में इस बार देशी गुलाल की जबरदस्त भरमार है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किया गया हर्बल और प्राकृतिक गुलाल बड़ी मात्रा में दुकानों पर सजा है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक अब केमिकल युक्त चाईनीज रंगों के बजाय त्वचा के लिए सुरक्षित देशी गुलाल को प्राथमिकता दे रहे हैं। होली के व्यापार में हाथरस का रंग और गुलाल हमेशा से मशहूर...