घाटशिला, जनवरी 8 -- पोटका, संवाददाता। आदिवासी भूमिज समाज झारखंड के द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के गाथा पर दो दिवसीय ओनोलिया(लेखन )कार्यशाला गुरुवार को बिरसा मंच बड़ा सिगदी में शुरू हुआ। आभूस के सलाहकार सिद्धेश्वर सरदार व अध्यक्ष जयपाल सिंह सरदार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। मौके पर उन्होंने कहा कि कार्यशाला के तिथि 8 एवं 9 जनवरी का चयन ऐतिहासिक दृष्टिकोण से किया गया है। 8 जनवरी 1770 को देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी सुबल सिंह को निरंकुश ब्रिटिश हुकूमत द्वारा फांसी दे दी गई। सुबल सिंह हमारे जमीन पर अंग्रेजों द्वारा दखल के विरोधी थे। वे स्वशासन के पक्षधर थे एवं ब्रिटिश शासन के उपनिवेशवाद के कट्टर विरोधी थे। उन्होंने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया, इसलिए अंग्रेजों ने उन्हें मौत की सजा दे दी। समाज के इतिहास व महापुरुषों की जा...