भभुआ, मार्च 6 -- सर्वेक्षण में पहले 9500 अंक थे निर्धारित, इस वर्ष 12500 कर दिए गए स्वच्छता, भागीदारी, प्रबंधन, तकनीक, जैविक खाद, ऊर्जा उत्पादन पर अंक (पेज चार की फ्लायर खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। केंद्र सरकार द्वारा कराए जा रहे स्वच्छ सर्वेक्षण का पैटर्न इस वर्ष बदल दिया गया है। इसको लेकर नई गाइडलाइन भी जारी की गई है। पोर्टल पर अपलोड किए गए डाक्यूमेंट्स में किए गए दावों और जमीनी हकीकत में फर्क होने पर निगेटिव मार्किंग होगी। यानी अंक में कटौती हो सकती है। पहले सर्वेक्षण के लिए कुल 9500 अंक निर्धारित किए गए थे। लेकिन, इस बार इसे बढ़ाकर 12500 कर दिया गया है। बताया गया है कि गाइडलाइन के मुताबिक यदि डाक्यूमेंट और फील्ड सर्वे में 20 फीसदी से अधिक का फर्क पाया जाता है, तो अंक कटेगा। यह कटौती विभिन्न स्तर पर होगी। स्वच्छ सर्वेक्षण के लक्ष्य क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.