बुलंदशहर, जुलाई 31 -- गोकशी को लेकर हुई बहुचर्चित स्याना हिंसा में करीब साढ़े छह साल बाद बुधवार को न्यायालय ने सभी 38 आरोपियों को दोषी ठहराया। इनमें पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या में पांच और अन्य 33 अभियुक्त बलवा और जानलेवा हमले के तहत दोषी पाए गए हैं। दोषियों में भाजपा मंडल अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान भी शामिल हैं। सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। सजा पर फैसला एक अगस्त को सुनाया जाएगा। एक बाल अपचारी का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। शासन से नियुक्त विशेष अधिवक्ता एवं पूर्व डीजीसी यशपाल सिंह राघव ने बताया कि 3 दिसंबर 2018 को स्याना के गांव महाव में गोकशी को लेकर हुई हिंसा में स्याना थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की हत्या हुई थी। मामले में 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी,...
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