लखनऊ, अक्टूबर 17 -- स्मार्ट प्रीपेड मीटर के दाम किस्तों में लिए जाने संबंधी ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का निर्देश आने के बाद राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रतिक्रिया दी है। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर मामले में पावर कॉरपोरेशन ऊर्जा मंत्री को गुमराह कर रहा है। मंत्री ने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य हैं, जबकि विद्युत अधिनियम-2003 के मुताबिक यह उपभोक्ता का विकल्प है कि वह प्रीपेड मीटर चुनेगा या पोस्टपेड। वहीं, किस्तों में मीटर के दाम देने की व्यवस्था 6 साल पहले से लागू है। कॉरपोरेशन उसका उल्लंघन कर रहा है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) के तहत हर उपभोक्ता को पोस्टपेड या प्रीपेड मीटर का विकल्प चुनने का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को अनिवार...
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