लखनऊ, दिसम्बर 29 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। 22 दिसंबर तक प्रदेश में कुल 56 लाख 82 हजार 784 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 37 लाख 43 हजार 612 मीटर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना ही प्रीपेड मोड में कन्वर्ट कर दिए गए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि भारत सरकार के स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों का साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (एसएटी) किया जाना अनिवार्य है। यह टेस्ट पूरा होने के बाद ही यह प्रमाणित होता है कि मीटर एमडीएम सहित सभी तकनीकी मानकों पर सही तरीके से काम कर रहा है। इसी के बाद ओपेक्स मॉडल के तहत मीटर लगाने वाली कंपनी को मासिक भुगतान शुरू किया जाता है, लेकिन अभी केवल 34...