उरई, फरवरी 15 -- जालौन। 26 वर्षों से काम न मिलने के कारण सीजनल संग्रह अमीन घर पर बैठे हैं। काम न मिलने से सीजनल संग्रह अमीनों के परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। नौकरी से वंचित सीजनल संग्रह अमीनों ने स्थाई नियुक्ति कराने की मांग डीएम से की है। राजस्व विभाग ने राजस्व वसूली के लिए 1989 में सीजनल अमीनों की नियुक्ति की थी। इन अमीनों ने मेहनत करके सरकार का राजस्व वसूल कर खजाने को भरा था। सरकार ने अधिकांश सीजनल अमीनों को स्थाई कर दिए है। लेकिन तहसील में अभी भी आधा दर्जन से अधिक सीजनल अमीन ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक सरकार द्वारा स्थाई नियुक्ति नहीं दी गई है। स्थाई नियुक्ति न होने व अन्य कोई काम न होने के चलते सरकारी अमीन रहे सीजनल अमीनों के परिवार आज भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। तहसील के सीजनल अमीन उमाकांत श्रीवास्तव, जगमोहन यादव, अखिलेश श...
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