सीवान, जुलाई 13 -- सीवान । भगवानपुर हाट प्रखंड के नवाचारी किसान शिव प्रसाद सहनी ने कृषि के अलावा जीविकोपार्जन के लिए मछली पालन को आर्थिक लाभ का माध्यम बनाया। उन्होंने पहले नहीं सोचा था कि मत्स्यपालन को अपनी कमाई का जरिया बना पाएंगे, क्योंकि मछली पालन के लिए महंगा दाना उनके आर्थिक लाभ का मुख्य अवरोध था। लेकिन कहते हैं कि आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है, और शिव प्रसाद सहनी ने इसे साबित कर दिखाया। उन्होंने मछली के संतुलित विकास के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से पौष्टिक मछली फीड बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए समाज के कई लोगों से चर्चा की और उनके अनुभव प्राप्त किए। सारी जानकारी एकत्र करने के बाद धान की भूसी, मक्का, गेहूं, सोयाबीन खली, डीडीजीएस, सूखी मछली, कैल्शियम, नमक, बायो बॉनटोक्स, क्लासिक प्रीमिक्स व फीड प्रीमिक्स को अपने अनुभव क...
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