नई दिल्ली, जून 26 -- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि 'स्थानीय समुदायों को हटाकर जंगलों की रक्षा नहीं की जा सकती। मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को देश में वन प्रबंधन पर नए सिरे से विचार करने की जरूरत है। देहरादून में भारतीय वन्यजीव संस्थान में भारतीय संरक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि संरक्षण नीतियों में अधिक मानवीय दृष्टिकोण लाना जरूरी है। यादव ने कहा कि मैं वन मंत्री हूं, लेकिन मैं यह बात पूरी गंभीरता से कह रहा हूं कि अगर आप सभी स्थानीय लोगों को हटा देते हैं, तो क्या इससे जंगल सुरक्षित हो जाएगा? मंत्री ने कहा कि विकसित भारत बनाने का मतलब है जमीन से जुड़े लोगों और जानवरों की देखभाल करना। यादव ने कहा कि मैं खुले दिमाग से आगे बढ़ने की बात कर रहा हूं। पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था दोनों ही महत्वपूर्ण ह...
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