गिरडीह, नवम्बर 5 -- जमुआ, प्रतिनिधि। लोगों का कहना हैं कि हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और ये कहावत हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमुआ के लिए बिल्कुल ही सटीक बैठता है। बड़े-बड़ी बिल्डिंग तो बन गई है, लेकिन व्यवस्था शून्य है। मंगलवार को स्ट्रेचर पर पड़ा मरीज इलाज के अभाव में कराहता रहा, चिकित्सक नदारद थे। उक्त मरीज को हीरोडीह से किसी ने लाकर इलाज के लिए अस्पताल में छोड़ दिया था, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक नदारद थे। जिसके कारण मरीज तड़प रहा था। इस घटना से लोगों में अस्पताल प्रबंधन तथा पदाधिकारियों पर से विश्वास उठता चला जा रहा है। अस्पताल की इस व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी जग जाहिर है। यहां पर मरीजों को सीधे रेफर की पर्ची पकड़ा दी जाती है। अगर एम्बुलेंस के बारे में पूछा जाता है तो उसका कोई अता पता ही नहीं रहता। यह अस्पता...
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