लखीसराय, फरवरी 21 -- चानन, निज संवाददाता। त्योहारी मौसम आते ही बिहार आने वाली ट्रेनों में नशाखुरानी गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। इस गिरोह के बदमाश होली में घर आने वाले लोगों को शिकार बनाते हैं। होली के पहले गिरोह एक्टिव हो जाते हैं। इनका सबसे पसंदीदा ट्रेनों के जेनरल कोच होते हैं, हालांकि ये बदमाश स्लीपर कोच के यात्रियों पर भी हाथ साफ करने से बाच नहीं आते है। अपनी मीठी बातों में फंसाकर कई बार ये रेल यात्री को खाने के सामान में नशा मिलाकर खिला देते हैं, तो कई बार कूछ सुंघाकर अपना काम कर जाते हैं। रेलवे हमेशा ही ट्रेन में अनजान यात्रियों से मिला कोई सामान नहीं खाने की नसीहत देता रहा है। वर्तमान में किऊल - झाझा रेलखंड पर रेल पुलिस की सक्रियता से इस तरह की घटना नहीं घटी है। होली को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी ने ट्रेनों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी ह...