जौनपुर, जनवरी 25 -- जौनपुर, संवाददाता। सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं कागजों में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तकनीशियन और प्रशिक्षित स्टाफ के अभाव में करोड़ों रुपये के उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। इसका सीधा खामियाजा मरीजों और उनके तीमारदारों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। करोड़ों के उपकरण, पर चलाने वाला कोई नहीं कोरोना काल में शासन द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। इनमें वेंटिलेटर, ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड, हेल्थ एटीएम, एनलाइजर और अन्य जांच मशीनें शामिल हैं। लेकिन कई जगहों पर ये उपकरण तकनीशियन या प्रशिक्षित स्टाफ के अभाव में लंबे समय से बंद पड़े हैं। शाहगंज सीएचसी की स्थिति चिंताजनक शाहगंज सामुदायिक स्वास्थ्य ...
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